Words from the Turnout community

Stories to carry home.

Poetry, shayari and stories by artists who perform across our venues — plus notes and recaps from the Turnout blog.

Featured picks

Chosen by the community

Pulkit Agrawal

Kavita / Poetry · Hindi

Featured

याद तुम्हारी आती है

सावन की हर बारिश में, जब बिजलियां तड़तड़ती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है | टप टप बारिश की बूंदे जब, मेरे कानों में आती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है | पहली बारिश की भीगी मिट्टी, जब भी खुशबू में खाती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है | छम छम बारिश के रोग में जब मोरनी नाचे आती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है | जब भी यह बारिश आती है, यह ताना में कर जाती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है |

Source

Artists' work

Poetry, shayari & stories

Pulkit Agrawal

Kavita / Poetry · Hindi

Featured

याद तुम्हारी आती है

सावन की हर बारिश में, जब बिजलियां तड़तड़ती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है | टप टप बारिश की बूंदे जब, मेरे कानों में आती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है | पहली बारिश की भीगी मिट्टी, जब भी खुशबू में खाती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है | छम छम बारिश के रोग में जब मोरनी नाचे आती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है | जब भी यह बारिश आती है, यह ताना में कर जाती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है |

Source
Pulkit Agrawal

Kavita / Poetry · Hindi

हर मौसम बरसात मिले

ऐसा तो संभव ही नहीं, की हर मौसम बरसात मिले, अपने मन की धूप मिले और अपने मन की छांव मिले | जितना भी चाहे मधुर शहद हो, नमक चाट के जाना होगा, अपने जीवन के कास्ट्तों को भी तुझको गले लगाना होगा | यदि अपनी बगिया के फूलों से तूने खुद को महकाया है, तेरे हिस्से के सूलो को भी तुझको ही तोः बोना होगा | जब मंजिल का आनंद तुझे घनघोर प्रशंसा देता है, तो राहो की ठोकर से भी तुझको हाथ मिलाकर चलना होगा | तुझको अगर निखरना है तो सूरज जैसा तपना होगा, माला फूलों की बनना है तो सुई धागों में पीरना होगा |

Source
Pulkit Agrawal

Kavita / Poetry · Hindi

उसको भूलने का

ढूंढा हर तरीका उसको भूलने का, फिर हर तरीके से भूल आया उसको भूलने का | हर रोज आती है हर रोज सताती है, उसकी याद में ही भूल आया उसको भूलने का | न चाहता हु कुछ न मांगता हु कुछ, हर दुआओं में भूल आया हुस्को भूलने का | घुमा हर शहर हर एक गली-गली, उसकी गली में भूल आया उसको भूलने का | निकले जहा से वो गुल ए बहार की खुशबू, उसकी मदहोसी में भूल आया उसको भूलने का | भूल से भी भूल में मैं उसको भूA लता नहीं, खुदको भूलकरके भूल आया उसको भूलने का |